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बचà¥à¤šà¥‡ का मल कैसे शिशॠके सेहत के बारे में देता है संकेत
शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को लेकर हर पैरेंटà¥à¤¸ को चिंता सताती है, जब तक वो बड़ा न हो जाठतबतक पैरेंटà¥à¤¸ को उनकी देखà¤à¤¾à¤² काफी सतरà¥à¤• होकर करने की जरूरत होती है। यहां तक कि बचà¥à¤šà¥‡ के मल को लेकर à¤à¥€à¥¤ बचà¥à¤šà¥‡ का मल का रंग किस ओर इशारा करता है यह जानना बेहद जरूरी है। बचà¥à¤šà¥‡ का मल कई बात पर निरà¥à¤à¤° करता है, जैसे उसकी उमà¥à¤° कितनी है, कà¥à¤¯à¤¾ वो मां का दूध पीता है या फिर फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤•, शिशॠअनाज का सेवन करता है या नहीं। इन तमाम बातों पर बचà¥à¤šà¥‡ का मल निरà¥à¤à¤° करता है।
जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¥‡ का विकास होता है, वैसे-वैसे बचà¥à¤šà¥‡ के मल का रंग à¤à¥€ बदलता है, खासतौर पर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के à¤à¤• साल तक। शिशॠके à¤à¤• साल तक हर à¤à¤• दिन उसके मल का रंग बदलते हà¥à¤ आप देख सकते हैं। यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ का मल à¤à¤• ही रंग का बना रहता है तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में घबराने की कोई जरूरत नहीं है, इसका मतलब यह हà¥à¤† कि आपका शिशॠविकास कर रहा है व उसका वजन बढ़ रहा है। लेकिन जब आपका शिशॠमल करने के बाद असजह महसूस करे, खà¥à¤¶ न रहे तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह की जरूरत पड़ सकती है।
आपके नवजात बचà¥à¤šà¥‡ का मल कैसा होना चाहिà¤?
शिशॠके जनà¥à¤® के कà¥à¤› दिनों के बाद आपके बचà¥à¤šà¥‡ का मल मिकोनियम (meconium) हो सकता है। मिकोनियम में बचà¥à¤šà¥‡ का मल हरा व काले रंग का होता है, वहीं चिपचिपा होने के साथ टार की तरह दिखता है। बचà¥à¤šà¥‡ का मल मà¥à¤¯à¥‚कस, à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड (amniotic fluid) के साथ मां के गरà¥à¤ में रहने के दौरान उसने जितने à¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µ हासिल किठहैं, वो बचà¥à¤šà¥‡ के मल में शामिल होते हैं। शिशॠके बम से मिकोनियम को निकलना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। बचà¥à¤šà¥‡ के मल में यदि मिकोनियम पाया जाता है तो यह अचà¥à¤›à¥‡ संकेत हैं, इससे पता चलता है कि शिशॠकी आंते सामानà¥à¤¯ रूप से काम कर रही हैं।
मां का दूध पीने के दौरान कैसा होना चाहिठबचà¥à¤šà¥‡ का मल
मां का कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® (colostrum) या पहला गाढ़ा पीला दूध लैकà¥à¤¸à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ के तौर पर काम करता है जो मोकोनियम को शिशॠके शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। वहीं जैसे-जैसे मां सामानà¥à¤¯ रूप से शिशॠको दूध पिलाने लगती है, उसके दो से तीन दिनों में ही बचà¥à¤šà¥‡ का मल का रंग बदलने लगता है। उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¥‡ का मल, सिकà¥à¤•े के आकार का हो सकता है। वहीं उसका रंग कम गाढ़ा होने के साथ हरे रंग से बदलकर बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ या गाढ़े मसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡ येलà¥à¤²à¥‹ रंग का दिख सकता है। वहीं इसमें से हलà¥à¤•ी दà¥à¤°à¥à¤—ंध à¤à¥€ आने लगती है। कà¥à¤› समय बचà¥à¤šà¥‡ का मल दानेदार आ सकता है तो कई बार यह दही की तरह à¤à¥€ दिखता है।
जनà¥à¤® के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में संà¤à¤µ है कि जैसे ही आप अपने शिशॠको दूध पिलाà¤à¤‚ वो तà¥à¤°à¤‚त मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— दे। पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में आपका शिशॠऔसतन हर दिन चार बार मल कर सकता है। धीरे-धीरे कर आपके शिशॠका मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ना अपनी सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में आ जाà¤à¤—ा और वह सामानà¥à¤¯ रूप से काम करने लगेगा। इसके कà¥à¤› दिनों से बाद आप खà¥à¤¦ महसूस करेंगे कि आपका शिशॠà¤à¤• खास निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय पर मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करता है।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद आपका शिशॠकà¥à¤› दिन में मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर सकता है। यह कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जैसे-जैसे शिशॠका मल सॉफà¥à¤Ÿ होगा वो आसानी से बाहर निकल जाता है। इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बाद बदलेगा आपके शिशॠका मल,
जब आप शिशॠको अनाज खिलाà¤à¤‚गी
जब आपका शिशॠअसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ महसूस करेगा/करेगी
कई बार मां का दूध पीने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ का मल का रंग बदलेगा
कà¥à¤¯à¤¾ फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• बचà¥à¤šà¥‡ का मल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है
कोशिश करें कि बचà¥à¤šà¥‡ को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ छह महीनों में सिरà¥à¤« व सिरà¥à¤« मां का दूध ही पिलाà¤à¤‚। वहीं दो साल तक शिशॠको मां का दूध पिलाना चाहिà¤à¥¤ लेकिन यदि आप बचà¥à¤šà¥‡ को फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पिलातीं हैं तो आप खà¥à¤¦ अनà¥à¤à¤µ करेंगीं कि जब आप शिशॠको अपना दूध पिलातीं थीं तब और अब जब फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पिला रही हैं, दोनों सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¥‡ का मल का रंग बदलेगा। फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पिलाने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ का मल à¤à¤¸à¥‡ बदलेगा, जैसे
मां के दूध की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ का मल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गाढ़ा होगा, टूथपेसà¥à¤Ÿ की तरह गाढ़ा हो सकता है
येलà¥à¤²à¥‹à¤‡à¤¶ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ रंग का बचà¥à¤šà¥‡ का मल हो सकता है
वयसà¥à¤•ों के मल से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ के मल से तेज दà¥à¤°à¥à¤—ंध आà¤à¤—ी
यदि आप शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देतीं हैं तो बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहती है। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देने को लेकर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह जरूर लें।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देते ही बदलता है बचà¥à¤šà¤¾ के मल का रंग
यह सही है कि शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देते ही उसके मल का रंग बदलता है। बचà¥à¤šà¥‡ का मल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डारà¥à¤• होने के साथ पेसà¥à¤Ÿ की तरह दिखता है। वहीं उससे तेज दà¥à¤°à¥à¤—ंध à¤à¥€ आती है। यदि आप शिशॠको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• की बजाय फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देने की सोच रहीं हैं तो जरूरी है कि धीरे-धीरे कर à¤à¤¸à¤¾ परिवरà¥à¤¤à¤¨ करें, यानि शिशॠको मां का दूध पिलाने के साथ फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• दें। à¤à¤•ाà¤à¤• फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देने से शिशॠकी तबीयत बिगड़ सकती है। कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में यदि आप शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• की आदत डलातीं हैं तो इससे शिशॠके डायजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सिसà¥à¤Ÿà¤® में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है, à¤à¤¸à¤¾ कर शिशॠको कबà¥à¤œ होने से बचा सकते हैं। वहीं मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सूजन (Mastitis) होने के साथ दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है। à¤à¤• बार आपका शिशॠयदि बॉटल से दूध पीने लग जाठतो उसके बाद बचà¥à¤šà¥‡ का मल का रंग बदल जाता है।
अनाज खाने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ का मल कैसा होगा?
आप जैसे ही शिशॠको अनाज खिलाने लगते हैं तब आप खà¥à¤¦ यह महसूस करेंगे कि उसके मल का रंग काफी तेजी से बदल रहा है। बचà¥à¤šà¤¾ जो खाता है उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही उसका मल निकलता है। यदि आप अपने शिशॠको शà¥à¤¦à¥à¤§ गाजर देते हैं तो उसके मल का रंग बà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿ ऑरेंज दिखेगा। यदि आप शिशॠको किडनी बींस (राजमा), मटर, किशमिश खिलातीं हैं तो यह सीधे मल से निकल आà¤à¤—ा। जैसे जैसे आपका शिशॠबढ़ेगा वैसे-वैसे इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का मल के रूप में आने के दौरान उसका रंग बदलेगा, वहीं यह अचà¥à¤›à¥€ तरह से पच सकेगा।
यदि आप बचà¥à¤šà¥‡ को तरह-तरह के à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाà¤à¤‚गे तो बचà¥à¤šà¥‡ का मल पतला, गाढ़ा और बदबूदार होगा।
बचà¥à¤šà¥‡ का मल à¤à¤¸à¤¾ दिखने पर न करें नजरअंदाज, लें डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह
डायरिया : आपके शिशॠको डायरिया हो सकता है, जब उसका मल à¤à¤¸à¤¾ दिखने लगे, जैसे
पॉटी बहने लगे
सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पॉटी करे, सामानà¥à¤¯ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करे
मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने के दौरान आवाज आठऔर छींटे उड़े
कोई महिला शिशॠको अपना दूध पिला रही हो तो à¤à¤¸à¥‡ में संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ है कि शिशॠको डायरिया हो सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मां के दूध में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पनपने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है जिसके कारण यह बीमारी होती है। लेकिन इसकी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ काफी कम रहती है। à¤à¤¸à¤¾ तà¤à¥€ होता है जब मां का दूध निकालकर उसे अचà¥à¤›à¥‡ से साफ न किठबरà¥à¤¤à¤¨ में लंबे समय के लिठसà¥à¤Ÿà¥‹à¤° किया जाता है। उसके बाद शिशॠको वही दूध पिलाने से बीमारी की आशंका होती है। शिशॠको दूध पिलाने से बचà¥à¤šà¥‡ का मल सॉफà¥à¤Ÿ व दही की तरह पानी की समान बह सकता है, à¤à¤¸à¥‡ में घबराठनहीं। à¤à¤¸à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने के कारण हो सकता है। वहीं बचà¥à¤šà¥‡ के बार-बार मल करने से आपको डाइपर बदलना पड़ सकता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के कारण शिशॠका आंत ढीला पड़ सकता है। तो à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ का सामानà¥à¤¯ मल और डायरिया में à¤à¥‡à¤¦ करना काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने बाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का खतरा
वैसे बचà¥à¤šà¥‡ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बॉटल से फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पिलाया जाता है उनमें इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠको दूध पिलाने वाले बॉटल सहित अनà¥à¤¯ उपकरणों को यदि सही से सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤²à¤¾à¤‡à¤œ न किया, हाथों को अचà¥à¤›à¥‡ से नहीं धोया तो बचà¥à¤šà¥‡ को इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का खतरा होता है।
इन कारणों से शिशॠको हो सकता है डायरिया, जैसे
इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण, गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (gastroenteritis) व सà¥à¤Ÿà¤®à¤• फà¥à¤²à¥‚
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फà¥à¤°à¥‚ट व जूस पिलाने के कारण
दवा का रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने से
खाने से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ व सेंसिटिविटी के कारण
यदि शिशॠको सावधानी के साथ व सही से फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• न दिया तो उसे डायरिया हो सकता है। वहीं अलग-अलग बà¥à¤°à¥ˆà¤‚ड का फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• का सेवन करने से à¤à¥€ शिशॠकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ अलग हो सकती हैं। फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• का बà¥à¤°à¥ˆà¤‚ड बदलने को लेकर à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
यदि आपके शिशॠका दांत निकल रहा है तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ का मल सामानà¥à¤¯ से पतला हो सकता है, इस कारण डायरिया नहीं होता। यदि शिशॠको डायरिया हो जाठतो इसका दांतों के निकलने से कोई लेना देना नहीं है। यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण हो सकता है।
शिशॠके बड़े होने पर डायरिया होने के कारण गंà¤à¥€à¤° कबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤ के लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं। जहां सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ रहने पर मल आसानी से निकल जाता है, वहीं हारà¥à¤¡ मल रहने पर आसानी से नहीं निकलता। जब à¤à¥€ आपको लगे कि आपका शिशॠअसहज, असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥, मायूस दिख रहा है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लें। खासतौर पर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के छह महीनों में बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिà¤à¥¤ यदि आपका शिशॠपानी की तरह मल करता है तो, आप मल ले जाकर या उसकी फोटो खींच डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखा सकते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠमें डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
मां के खानपान का शिशॠपर पड़ता है असर, à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें खानपान के टिपà¥à¤¸, देखें वीडियो
कबà¥à¤œ
कई बचà¥à¤šà¥‡ जब मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करते हैं तो मल गाढ़ा लाल होने के साथ सखà¥à¤¤ होता है। लेकिन यह सामानà¥à¤¯ है। जाने बचà¥à¤šà¥‡ का मल का कौन-सा पà¥à¤°à¤•ार कबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤ की ओर इशारा करता है
जब आपका शिशॠमल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने में मशकà¥à¤•त करें
जब आपके शिशॠका मल छोटा व डà¥à¤°à¤¾à¤¯ हो, वहीं जब मल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने के साथ हारà¥à¤¡ हो
आपका शिशॠचिड़चिड़ा महसूस करें, वहीं मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने के दौरान रोà¤
शिशॠका पेट छूने पर सखà¥à¤¤ लगे
बचà¥à¤šà¥‡ के मल में खून आà¤, यह à¤à¤¨à¤¸ के अंदर छोटे कà¥à¤°à¥ˆà¤• होने की ओर इशारा करते हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¨à¤² फिशर (anal fissures) कहा जाता है। à¤à¤¸à¤¾ हारà¥à¤¡ मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने के कारण होता है
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में मां का दूध पिलाने के दौरान शिशॠको कबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• में काफी मातà¥à¤°à¤¾ में नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ पाठजाते हैं, इस कारण बचà¥à¤šà¥‡ का मल सॉफà¥à¤Ÿ रहता है। फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• में सामानà¥à¤¯ से अधिक पाउडर मिलाया जाठतो उसके कारण कबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। हमेशा फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• बनाने के पूरà¥à¤µ दिठदिशा निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ को सही से पालन करना चाहिà¤à¥¤
इन कारणों से हो सकती है कबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾
बà¥à¤–ार
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨
शिशॠके पीने की मातà¥à¤°à¤¾ में बदलाव
शिशॠकी डाइट में बदलाव
दवा का सेवन करने के कारण
शिशॠके मल में खून दिखने पर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। यदि शिशॠअनाज खाने लगा है तो उसे खाने में फà¥à¤²à¥‚इड इनटेक करने की सलाह दी जाती है, वहीं फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने को कहा जाता है।
बचà¥à¤šà¥‡ का हरा मल
यदि आप शिशॠको दूध पिला रही हैं, तो कà¤à¥€ कà¤à¤¾à¤° यदि हरे रंग का मल आता है तो घबराने की जरूरत नहीं होती है। हरे मल के आने का मतलब यह हà¥à¤† कि आपके शिशॠको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लो कैलोरी मिलà¥à¤• मिल रही है। शिशॠको दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध पिलाकर इस समसà¥à¤¯à¤¾ को कम कर सकतीं हैं। यह à¤à¥€ घरेलू उपचार में से à¤à¤• है। यदि आपका शिशॠलगातार हरा मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर रहा है तो à¤à¤¸à¤¾ जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ दूध पीने के कारण कर सकता है। जब खाली पेट में दूध जाता है तो उस कारण पेट में à¤à¤¯à¤° बबलà¥à¤¸ बनते हैं, इसके कारण अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है।
इसके लिठशिशॠको शांत कराकर व हलà¥à¤•ा लिटाकर दूध पिलाà¤à¤‚। इससे शिशॠसजह महसूस करेगा व धीरे-धीरे दूध पीने से उसे पोषक ततà¥à¤µ मिलेगा।
यदि आप शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पिला रही हैं तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपके बà¥à¤°à¥ˆà¤‚ड के कारण शिशॠका मल का रंग हरा हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सà¥à¤à¤¾à¤µ लेकर दूसरे बà¥à¤°à¥ˆà¤‚ड का दूध शिशॠको पिलाà¤à¤‚।
यदि 24 घंटे या उससे अधिक समय तक शिशॠका मल हरा ही आ रहा है तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आप डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लें, à¤à¤¸à¤¾ इन कारणों से हो सकता है,
फूड सेंसिटिविटी के कारण
दवा के साइड इफेकà¥à¤Ÿ के कारण
शिशॠके फिडिंग रूटीन में बदलाव के कारण
सà¥à¤Ÿà¤®à¤• बग की वजह से
शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करने के लिठकà¥à¤µà¤¿à¤œ खेल जानें रोचक जानकारी : Quiz: शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² के जानने हैं टिपà¥à¤¸ तो खेलें कà¥à¤µà¤¿à¤œ
बचà¥à¤šà¥‡ का पीला मल
बचà¥à¤šà¥‡ का पीला मल जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ की ओर संकेत करते हैं। जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ की पहचान शिशॠके सà¥à¤•िन को देखकर और उनकी आंखों के रंग को देखकर जो सफेद से पीली पड़ जाती है, पहचान कर सकते हैं। आप अपने दिमाग में रखें कि नवजात को जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ होने से उनका पेशाब पीला नहीं होता, वहीं मल येलà¥à¤²à¥‹, मसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡ व बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ हो सकता है। पीला मल सामानà¥à¤¯ नहीं है, जरूरी है कि जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤ शिशॠके मल को देख आप समठनहीं पा रहे हैं तो मल का फोटो लेकर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚। डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚ कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ का मल पीला आ रहा है, इसमें सफेद थकà¥à¤•े à¤à¥€ हैं। जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ यदि दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से अधिक समय के लिठरह जाता है तो उसके कारण लिवर की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। इसलिठइसे कतई नजरअंदाज नहीं करना चाहिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‡ के मल में खून आà¤
यदि आपका शिशॠकबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤ की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ है तो उसके मल में खून आ सकता है। à¤à¤¸à¤¾ à¤à¤¨à¤² फिशर के कारण हो सकता है, जो शरीर में खराब बावेल मà¥à¤µà¤®à¥‡à¤‚ट के कारण होता है। कई बार इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ और à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है। शरीर में इस पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤ कई बार शिशॠका मल काला दिख सकता है। यानि कि यह पच गया है। कई बार à¤à¤¸à¤¾ दूध पीने के दौरान मां के सà¥à¤¤à¤¨ को कà¥à¤°à¥ˆà¤• करने से उसके अंदर का खून à¤à¥€ शिशॠपी जा जाता है। इस कारण उसका मल काला आता है। वहीं काला मल शिशॠके इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² टà¥à¤°à¥ˆà¤• में समसà¥à¤¯à¤¾ होने के कारण हो सकता है।
सही जानकारी है जरूरी, ताकि समय पर ले सकें डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह
बचà¥à¤šà¥‡ का मल का रंग देखकर कई बार लोग खà¥à¤¦ तरह-तरह की सलाह देने लगते हैं लेकिन यह गलत है। जरूरी है कि शिशॠके मल को देख जब आप असजह महसूस करें तो डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लें। इतना ही नहीं यदि आपके शिशॠको मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने में दिकà¥à¤•त हो रही है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ से दिखाने में देरी करने के कारण समसà¥à¤¯à¤¾ और गंà¤à¥€à¤° हो सकती है। शिशॠको कब तक मां का दूध पिलाना है, कब फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देना है, कब से अनाज देना है, आदि मामलों पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ ले सकते हैं। खà¥à¤¦ से यह निरà¥à¤£à¤¯ लेना आपके शिशॠकी सेहत के लिठनà¥à¤•सानदेह हो सकता है। बता दें कि शिशॠके जनà¥à¤® के बाद से à¤à¤• साल तक हर दिन शिशॠके मल का रंग बदलता है, तो à¤à¤¸à¥‡ में घबराना नहीं है, बलà¥à¤•ि सही जानकारी रखनी चाहिà¤à¥¤ ताकि जरूरत पड़ने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह ले लें।
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